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नैतिकता (Ethics) और आचार (Morality)

एथिक्स (Ethics) (moral philosophy) की एक शाखा है। यह सही और गलत आचरण (conduct)..

नैतिकता (Ethics) और आचार (Morality)

Suraj
March 03, 2025

नैतिकता (Ethics) और आचार (Morality) को परिभाषित कीजिये। इन दोनों के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?🔗

  • नैतिकता (Ethics): एथिक्स (Ethics) (moral philosophy) की एक शाखा है। यह सही और गलत आचरण (conduct) के सिद्धांतों (principles) का व्यवस्थित अध्ययन है। यह इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि व्यक्तियों और समूहों को क्या करना चाहिए। एथिक्स बाहरी कारकों, जैसे पेशेवर नियम (professional codes), सामाजिक मानदंड (social norms) या कानूनी मानकों (legal standards) से प्रभावित होते हैं।

  • आचार (Morality): मोरैलिटी (Morality) व्यक्तिगत या सांस्कृतिक मूल्यों (values), विश्वासों (beliefs) और सिद्धांतों (principles) का एक समूह है जो यह निर्धारित करता है कि क्या सही है और क्या गलत। यह आंतरिक (internal) होता है और व्यक्ति की अपनी अंतरात्मा (conscience) से निर्देशित होता है।

एथिक्स बनाम मोरालिटी भाग 1 परिभाषाएँ और स्रोत
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एथिक्स बनाम मोरालिटी भाग 3 प्रमुख अंतर
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नैतिक सिद्धांतों (Ethical Theories) के कुछ प्रमुख प्रकारों का वर्णन कीजिये।🔗

नैतिक सिद्धांतों (Ethical theories) के कई प्रकार हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित हैं:

  1. परिणामवाद (Consequentialism): यह सिद्धांत मानता है कि किसी कार्य की नैतिकता उसके परिणामों पर निर्भर करती है। सबसे अच्छा कार्य वह है जो अधिकतम लोगों के लिए अधिकतम अच्छाई (good) पैदा करे।

    • उपयोगितावाद (Utilitarianism): यह परिणामवाद का एक रूप है जो मानता है कि सबसे अच्छा कार्य वह है जो अधिकतम खुशी (happiness) या कल्याण (well-being) पैदा करे।
  2. कर्तव्यशास्त्र (Deontology): यह सिद्धांत मानता है कि कुछ कार्य अपने आप में सही या गलत होते हैं, चाहे उनके परिणाम कुछ भी हों। यह कर्तव्यों (duties) और नियमों (rules) पर जोर देता है।

    • कान्टियन एथिक्स (Kantian Ethics): इमैनुअल कांट (Immanuel Kant) द्वारा विकसित, यह सिद्धांत मानता है कि नैतिक नियम सार्वभौमिक (universal) और तर्कसंगत (rational) होने चाहिए।
  3. सद्गुण नैतिकता (Virtue Ethics): यह सिद्धांत चरित्र (character) और सद्गुणों (virtues) पर जोर देता है। यह इस बात पर ध्यान केंद्रित करता है कि एक अच्छे व्यक्ति को कैसा होना चाहिए, बजाय इसके कि उसे क्या करना चाहिए।

  4. अधिकार-आधारित नैतिकता (Rights-based Ethics): यह सिद्धांत अधिकारों (rights) पर जोर देता है, जैसे कि जीवन का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, और संपत्ति का अधिकार। यह मानता है कि व्यक्तियों के कुछ मौलिक अधिकार होते हैं जिन्हें किसी भी परिस्थिति में उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।

एक उदाहरण देकर समझाइये कि कैसे नैतिकता (Ethics) और आचार (Morality) एक-दूसरे के साथ टकराव (conflict) में आ सकते हैं।🔗

उदाहरण: एक डॉक्टर (doctor) एक ऐसे मरीज (patient) का इलाज कर रहा है जो गंभीर रूप से बीमार है और असहनीय दर्द (unbearable pain) से पीड़ित है। मरीज डॉक्टर से अनुरोध करता है कि वह उसे इच्छामृत्यु (euthanasia) दे।

  • नैतिक दृष्टिकोण (Ethical Perspective): कई देशों में इच्छामृत्यु गैरकानूनी (illegal) है और चिकित्सा नैतिकता (medical ethics) के खिलाफ है। डॉक्टरों को जीवन बचाने और नुकसान न पहुंचाने की शपथ (oath) दिलाई जाती है। इसलिए, नैतिक दृष्टिकोण से, डॉक्टर को मरीज के अनुरोध को अस्वीकार (reject) करना चाहिए।

  • आचारिक दृष्टिकोण (Moral Perspective): डॉक्टर व्यक्तिगत रूप से यह मान सकता है कि मरीज को असहनीय दर्द से पीड़ित होने के बजाय शांति से मरने का अधिकार है। वह यह भी मान सकता है कि मरीज की पीड़ा को समाप्त करना एक दयालु (compassionate) कार्य होगा। इसलिए, आचारिक दृष्टिकोण से, डॉक्टर मरीज के अनुरोध को स्वीकार करने के लिए इच्छुक (inclined) हो सकता है।

इस उदाहरण में, डॉक्टर की पेशेवर नैतिकता (professional ethics) और उसके व्यक्तिगत आचार (personal morality) के बीच टकराव है। उसे यह तय करना होगा कि वह किस सिद्धांत का पालन करे। यह एक नैतिक दुविधा (ethical dilemma) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Ethics and Morality Interplay and Conflicts
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कुछ सामान्य कार्यस्थल नैतिक दुविधाओं (Workplace Ethical Dilemmas) के उदाहरण दीजिये?🔗

कार्यस्थल में कई प्रकार की नैतिक दुविधाएँ उत्पन्न हो सकती है, कुछ उदाहरण यहाँ दिए जा रहे है:

  1. हितों का टकराव (Conflict of Interest): जब किसी कर्मचारी के व्यक्तिगत हित (personal interests) कंपनी के हितों के साथ टकराते हैं। उदाहरण के लिए, एक खरीद प्रबंधक (purchasing manager) अपने रिश्तेदार की कंपनी से सामान खरीदता है, भले ही वह सबसे अच्छी कीमत या गुणवत्ता (quality) न दे।
  2. भेदभाव और उत्पीड़न (Discrimination and Harassment): कार्यस्थल पर जाति, लिंग, धर्म, आयु, विकलांगता या अन्य किसी आधार पर भेदभाव या उत्पीड़न करना।
  3. गोपनीयता का उल्लंघन (Breach of Confidentiality): कंपनी या ग्राहकों की गोपनीय जानकारी को बिना अनुमति के प्रकट करना।
  4. कंपनी संसाधनों का दुरुपयोग (Misuse of Company Resources): कंपनी के समय, धन, या संपत्ति का व्यक्तिगत उपयोग के लिए इस्तेमाल करना।
  5. अनुचित लक्ष्य (Unrealistic Goals) या दबाव: जब प्रबंधन ऐसे लक्ष्य निर्धारित करता है जिन्हे पूरा करने के लिए अनैतिक शॉर्टकट का उपयोग किया जाता है।
  6. व्हिसलब्लोइंग (Whistleblowing): जब कोई कर्मचारी संगठन के भीतर अवैध या अनैतिक प्रथाओं को उजागर करता है।

Ethics and Morality Examples
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एथिक्स बनाम मोरालिटी भाग 2 उदाहरण
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